पांचवी कक्षा कि एक क्लास में, मास्टर ने बच्चो से पूछा,
बताओ क्या बनोगे, कैसे करोगे अपने माँ-बाप का नाम ऊँचा?
किसी ने IAS तो किसी ने PCS किसी ने कहा अच्छा आदमी बनना चाहता हूँ.
तभी पीछे की एक सीट से उठकर एक बच्चे ने कहा, Sir,
मैं Imraan Hashmi बनना चाहता हूँ.
ऐसे जवाब की ख्वाब में भी नहीं की थी कल्पना,
पर Teacher को लगा शायद ये हो लड़के का बचपना,
समझाया की बेटा गलती की है तुने Career को चुनने में,
ये तो बता की क्या Problem है तुझे कुछ और बनने में?
लड़का बोला, सर Job में अब इतना कहा पैसा है?
Business करना मुझे लगता बेवकूफों जैसा है,
नेता फँस जाते हैं अक्सर String Operation के जाल में,
खेल में ज़हर भर दिया हिया Match Fixing के बवाल ने.
पर फिल्म Industry में Profit की लाइन हमेशा ऊपर चढ़ती है,
बढ़िया काम से Price Value तो बुरे से Popularity बढती है,
और इस बात को तो कई फिल्म समीक्षक मानते हैं,
MMS CLIPS से भी ज्यादा बिकते Imraan के गाने हैं,
मैं भी ऐसे गाने गाकर अपनी लाइफ बदलना चाहता हूँ,
इसीलिए तो Sir,
मैं Imraan Hashmi बनना चाहता हूँ.
हुंह! आजकल के लड़के जाने पढ़ते हैं किस किताब से,
Teacher का भी सिर चकरा गया बच्चे के इस जवाब से,
Teacher ने फिर भी पूछा ?उसमे ऐसी क्या बात समाई है?
ये तो बता की अभिषेक बच्चन बनने में क्या बुराई है?
सिर्फ दो फिल्मो से इतना नाम नहीं कमाया अभिषेक के बाप ने,
मर्डर किया फिर भी लडकिय कहती हैं आशिक बनाया आपने.
मल्लिका, तनुश्री, उदिता निपटी पिछली फिल्मो की शिने में,
सुनने में अब आया है की अब सेलिना, हृश्ता भी हैं लाइन में,
मैं भी ऐसी tasty CHOCOLATE का स्वाद चखना चाहता हूँ,
इसीलिए तो Sir,
मैं Imraan Hashmi बनना चाहता हूँ.
अब मास्टर साहब का गुस्सा पहुँच गया सातवे आसमान पे,
बोले सिवा लडकियाँ घुमाने के क्या किया है इमरान ने?
सर लडकियों को पीछे घुमाना कोई आसान काम नहीं,
वरना बड़े Powerful लोगो का होता ये अंजाम नहीं,
क्या नहीं जानते आप America के पूर्व राष्ट्रपति को,
कैसे प्राप्त हुए, मोनिका के चक्कर में वीरगति को,
बदल गया कप्तान देश का सौरभ-नगमा के चक्कर में,
क्रिकेट खेलना भूल गए वो नए खेल के चक्कर में,
मेरी इतनी बात्तों का मतलब बिलकुल साफ़ है,
काबिलीअत में भी Imraan Hashmi, Bill Clinton भी का बाप है,
मैं भी एक काबिल और Demanded काबिल आदमी बनना चाहता हूँ,
इसीलिए तो Sir,
मैं Imraan Hashmi बनना चाहता हूँ.
Ek din kaante ne phool se poocha kI “aye phool!”
mujhe tumhari mohabbat se kya haasil hua?
mujhe dekhte hi har koi apne teevar badal leta hai shayad
iss liye k main unhein zakhmi kar deta hoon
or Duniya tum par marti hai,
tumhari khushboo lene ko tarasti hai,
lekin mujhe tumhari mohabbat se kya milla?
Phool yeh sada sun kar muskuraya or kehne laga
tumhein to khush hona chahiye jiss par duniya marti hai!!
woh tumharay baghair ek pal nahin reh sakta.
jab mujhe koi tum se juda karta hai,
to mein mar jata hoon!!
kyon ki main
Sirf tum se mohabbat karta hoon!!!